महापौर विकास शर्मा ने दो टूक कहा कि नगर निगम ने ईदगाह की जमीन नहीं, बल्कि उसकी आड़ में कब्जाई गई सरकारी जमीन को मुक्त कराया है

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महापौर विकास शर्मा ने दो टूक कहा कि नगर निगम ने ईदगाह की जमीन नहीं, बल्कि उसकी आड़ में कब्जाई गई सरकारी जमीन को मुक्त कराया है

रूद्रपुर। शहर की स्वच्छता के प्रहरियों (पर्यावरण मित्रों) के वर्षाें पुराने आवासीय सपने को साकार करते हुए महापौर विकास शर्मा ने सोमवार को एक बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की। खेड़ा क्षेत्र में ईदगाह कमेटी से कब्जा मुक्त कराई गई 8 एकड़ सरकारी भूमि में से 1 एकड़ भूमि पर अब ‘वाल्मीकि कॉलोनी’ का निर्माण किया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही रूद्रपुर, प्रदेश का ऐसा पहला नगर निगम बन गया है जो अपने पर्यावरण मित्रों के लिए समर्पित आवासीय परिसर बनाने जा रहा है। इस ऐतिहासिक घोषणा से पर्यावरण मित्रों में खुशी की लहर है। उन्होंने महापौर विकास शर्मा और नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे जा जोरदार अभिनंदन करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
बता दें पर्यावरण मित्र पिछले कई वर्षों से आवासीय कालोनी बनाये जाने की मांग कर रहे थे। महापौर ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को पर्यावरण मित्रों के सपने के साकार करने के लिए बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया। महापौर ने नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि खेड़ा बस्ती में बीते कई दशकों से ईदगाह की आड़ में आठ एकड़ सरकारी भूमि कब्जाई गई थी, जिसे नगर निगम ने पिछले दिनों कब्जे में ले लिया है। इस आठ एकड़ भूमि में से 1 एकड़ भूमि पर नगर निगम के पर्यावरण मित्रों के लिए सरकारी आवास बनाये जायेंगे। ये आवास पर्यावरण मित्रों को निःशुल्क प्रदान किये जायेंगे। बची हुई भूमि पर बालिकाओं के लिए इंटर कालेज के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा जायेगा।

महापौर ने कहा कि वाल्मीकि कालोनी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शहरी विकास सचिव ने भी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा पर्यावरण मित्र नगर निगम के अभिन्न अंग हैं। उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करना मेरी प्राथमिकता थी। जल्द ही कॉलोनी की डीपीआर तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

इस दौरान तुष्टिकरण की राजनीति पर महापौर का कड़ा प्रहार करते हुए महापौर विकास शर्मा ने विपक्षियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि नगर निगम ने ईदगाह की जमीन नहीं, बल्कि उसकी आड़ में कब्जाई गई सरकारी जमीन को मुक्त कराया है। उन्होंने स्पष्ट किया अतिक्रमणकारी का कोई धर्म नहीं होता। हमने निष्पक्षता से कार्रवाई की है। जहाँ एक ओर खेड़ा में जमीन खाली कराई गई, वहीं शहर में तीन स्थानों पर मंदिरों की आड़ में किए गए कब्जों को भी हटाया गया। जो लोग इसे राजनैतिक चश्मे से देख रहे हैं, वे समाज को गुमराह कर रहे हैं। महापौर ने कहा कि दुष्प्रचार की राजनीति करने वालों से वह डरने वाले नहीं है। अतिक्रमणकारी चाहे कोई भी उसे बख्शा नहीं जायेगा।

इस अवसर पर नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे ने कहा कि पर्यावरण मित्रों की वर्षों पुरानी मांग को देखते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर शहरी विकास सचिव ने सहमति दे दी है और पूरी मदद का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा कि डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। डीपीआर बनने के बाद निर्माण जल्द ही शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के नगर निगमों में पर्यावरण मित्रों के लिए बनने वाली यह पहली कालोनी होगी।

महापौर द्वारा वाल्मीकि कालोनी निर्माण की घोषणा पर पर्यावरण मित्रों सहित वाल्मीकि समाज के तमाम लोगों ने महापौर विकास शर्मा और नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे का फूल मालाओं से स्वागत किया और उन्हें भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

इस दौरान नगर आयुक्त श्रीमती शिप्रा जोशी पांडे जी, सहायक नगर आयुक्त श्रीमती राजू नबियाल जी, पार्षद पवन राणा, पार्षद गिरीश पाल, पार्षद प्रतिनिधि राधे शर्मा , सफाई यूनियन अध्यक्ष सोनू मुलतानी , महामंत्री अंकित, सफाई यूनियन पूर्व अध्यक्ष मुकेश राजौरिया, मनोज वाल्मीकि राजू पहलवान,राजपाल, सुनील गुरुजी, बंटी, अजय, नन्हा, रोहित, अमित, धीरज, भीम, रवि, सुरेंद्र, राहुल राजौरिया, कीर्ता देवी , विमला, सरोज बिजया, सुमन, दुलारी,भाजपा नेता दिलीप अधिकारी, वरिष्ठ नेता सुरेश कोली,जिला मीडिया प्रभारी विजय तोमर, मंडल अध्यक्ष मुकेश पाल मंडल महामंत्री जितेंद्र संधू आदि सैकड़ों की संख्या में नगर निगम पर्यावरण मित्र व कर्मचारी गण उपस्थित रहे ।।

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