गीता धामी ने कहा कि जब परिवार के सदस्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के प्रति संवेदनशील होते हैं और जरूरतमंदों के दुःख को अपना दुःख समझते हैं, तभी समाज में करुणा, समरसता और मानवीय मूल्यों की स्थापना संभव होती है।
गीता धामी ने कहा कि जब परिवार के सदस्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति...
