धामी की सोच से डिजिटल हो रहा उत्तराखंड, परिवहन विभाग ने AI अपनाकर दिखाई नई दिशा
धामी की सोच से डिजिटल हो रहा उत्तराखंड, परिवहन विभाग ने AI अपनाकर दिखाई नई दिशा

देहरादून। उत्तराखंड परिवहन विभाग ने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक को शामिल करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए AI आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इमर्जिंग टेक के मूल तत्व” विषय पर आयोजित दो दिवसीय इंटरैक्टिव प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान अपर परिवहन आयुक्त एस. के. सिंह ने विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत AI आधारित समाधानों की सराहना करते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों बिनोद चमोली, बृजमोहन रावत, दीपक पांडेय, मीनाक्षी और निकिता गुसाईं को सम्मानित किया। इन प्रतिभागियों ने यह दर्शाया कि किस प्रकार AI तकनीक का उपयोग कर परिवहन विभाग की जटिल समस्याओं का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है
डीएन मार्केटिंग, देहरादून द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ ट्रेनर सौरभ मल्होत्रा और पीयूष उनियाल ने प्रतिभागियों को AI के व्यावहारिक उपयोग, नैतिक पहलुओं और डेटा सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त सनत सिंह, आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी और आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दूसरे दिन “सुरक्षित और स्मार्ट AI उपयोग” पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें अधिकारियों को डीपफेक तकनीक की पहचान, फर्जी और वास्तविक तस्वीरों में अंतर समझने, और सरकारी दस्तावेजों को तेजी से विश्लेषित करने जैसे महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए। साथ ही डेटा प्राइवेसी और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने AI के माध्यम से भविष्य में कार्यप्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अपने-अपने नवाचार प्रस्तुत किए। विभाग का मानना है कि यह पहल न केवल कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।
